Take Care Your Hibiscus Plant
क्या आप के घर में गुड़हल का पौधा है।
आगर है तो बहुत अच्छी बात है और नहीं है तो कोई बात नहीं गुड़हल का फूल बहुत ही सुंदर और अलग अलग रंगो में खिलता है गुड्हल के फूल की 200 से अधिक प्रजातिया पाई जाति है जावा एक पूर्ण फुल का उदाहरण है फूल के चारो भाग पुटचक्र ,दलचक्र पूमंग तथा जायागं भी पाए जाते हैं गुड्हल का लाल फुल भगवान गणेश जी का प्रिय फूल है गुड़हल के औषधीय प्रयोग भी है गुड़हल के पौधे की देखभाल काफी आसान है
अब हम गुड़हल के बारे में जानकारी लेंगे.
गुड़ल का पौधा खुले वतावरन का पौध है गुड़हल के पौधे को काफी अच्छी धूप चाहिए जिससे बहुत अच्छे से फूल खिले, गुड़हल के पौधे के लिए एक अच्छी मिट्टी तैयर करें जिस्में में अच्छी माञामे खाद हो तो इसके लिए भूरभूरि मिट्टी तयार करेन जिस्में मिट्टी और खाद अच्छे से मिलाकर एक भूरभूरि मिट्टी तैयार करे.
गुड़ल के पौध के ऊपर बहुत सारे किट का हमला होता है इस्के बचाव के लिए गुड़हल के पौधे के ऊपर कुछ दिन के अंतराल पर दवा का छिड़काव करे.
गुड़हल का पौधा बारहमासी पौध होता है इसलिये गुड़हल के पौधे के ऊपर साल के बाराह माह फूल खिलते रहते हैं अब बाजार में गुड़हल के पौधे की बहुत सारी प्रजातिया है उसमे देसी गुड़हल के पौधे के ऊपर ग्राफ्टिंग करते हैं। जिसके वजह से गुड़ल के फूल कफी रंग में आते हैं जिसमें, उदा : लाल ,पिला ,गुलाबी ,केसरिया रंग शामिल है।
| Pink Hibiscus |
वैसे तो गुड़हल का पौध काफी बड़ा होता है जिसके लिए इसे जमीन में लगाना बेहतर होता है पर गुड़हल को हम गमले में भी लगा सकते है क्योंकि अब बाजार में गुड़हल के पौधै की ग्राफ्टिंग किए हुए पौधे आसनिसे मिलाते हैं और इसे गमले में लगानेपर पौध कफी अच्छे से फूल भी देता है।
गुड़हल के फूल के काफी सारे औषधीय प्रयोग भी है उसमें गुड़हल के फूलो का तेल करके बालो में लगानेपर बाल काले और मजबूर होते हैं।
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